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'मौत ने सारी रात हमारी नब्ज टटोली..'

बरेली (जेएनएन): संस्कृति आर्ट्स की ओर से रोटरी भवन में शब्दोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लोगों ने देर रात तक शायरी का लुत्फ उठाय...

Friday, 13 April 2018

बरेली कॉलेज में वरिष्ठता पर नहीं हो सका कोई फैसला

-नियम पास होते ही बरेली कॉलेज में 30 शिक्षकों की बदल जाएगी वरिष्ठता, एचओडी

-कमेटी ने दोबारा बुलाई बैठक, हाई कोर्ट वकील से मांगी मदद

 बरेली कॉलेज में शिक्षक वरिष्ठता को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है. कॉलेज में 30 नए शिक्षकों की सूची में बदलाव होना है. इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने थर्सडे को बैठक बुलाईए लेकिन बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका, कॉलेज के शिक्षकों को वरिष्ठता की सूची में शामिल होना है या नहीं. इस बारे में शिक्षकों के एक गुट ने कुलपति और शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है.

तो बदल जाएगे कइर् विभागाध्यक्ष

यदि कॉलेज की वरिष्ठता सूची में बदलाव होता है तो कॉलेज के कई सीनियर शिक्षक जूनियर बन जाएंगे. इस नियम के कारण कई विभागाध्यक्ष भी बदले जा सकते है. इसी कारण शिक्षकों का एक पक्ष इस नियम का विरोध कर रहे हैं. जबकि 14 मार्च को ही शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी किया था. जिसमें कहा गया है कि कॉलेज के प्राचार्य ने शिक्षकों की वरिष्ठता की गणना उनकी एडहॉक नियुक्ति की तारीख से की है.


वकील से मांगी गई राय

कॉलेज मे वरिष्ठता को लेकर चल रहे शिक्षकों में विवाद को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने हाईकोर्ट के वकील से इस पक्ष में राय मांगी है. वहीं दूसरी ओर क्षेत्रिय उच्च शिक्षा अधिकारी ने भी कॉलेज से 10 दिनों में जबाव मांगा है. क्योंकि इसके बाद 30 शिक्षकों की वरिष्ठता में बदलाव हो जाएगा.


आज बैठक मे कोई फैसला नहीं हो सका है. जल्द ही आपात बैठक बुलाकर इस मामले को निपटाया जाएगा.


चिल्ड्रन बुक सेंटर और सरस्वती सदन पर ऊंचे दामों में स्टेशनरी और किताब बेचने की शिकायत पर छापेमारी की कार्रवाई की गई

- शुरुआती जांच में बगैर टैक्स अदा किए सरस्वती सदन और चिल्ड्रन बुक सेंटर पर बिक रही थी स्टेशनरी

- टीम ने जब्त किया बगैर रिकॉर्ड पाए गए सभी स्टेशनरी व अन्य, लगाया दोगुना अर्थदंड

स्टेशनरी और किताब व्यवसायी गुरु नारायण महरोत्रा के आवास समेत दो प्रतिष्ठानों पर थर्सडे को वाणिज्यकर की विशेष अनुसंधान शाखा की टीम ने छापेमारी कर लाखों रुपए का माल जब्त किया गया. टीम ने चिल्ड्रन बुक सेंटर और सरस्वती सदन पर ऊंचे दामों में स्टेशनरी और किताब बेचने की शिकायत पर छापेमारी की कार्रवाई की गई. जांच के दौरान फर्म संचालक गुरु नारायण मेहरोत्रा मौजूद रहे. टीम ने भारी मात्रा में स्टेशनरी जब्त कर ली है जिसके संबंध में कोई स्टॉक रजिस्टर उनके पास मौजूद नहीं था. जांच टीम में डिप्टी कमिश्नर राजेंद्र द्विवेदी समेत विजय कुमार, संजय मिश्रा, वाणिज्य कर अधिकारी नितिन बाजपेई मौजूद रहे.

घर पर नहीं मिली स्टेशनरी

जानकारी देते हुए वाणिज्य कर अधिकारी ने बताया कि सूचना के मुताबिक सबसे पहले टीम व्यवसायी के आवास पर भेजी गई, लेकिन वहां स्टेशनरी और कॉपियों का कोई स्टॉक नहीं पाया गया. केवल किताबें ही मिलीं जो माल एवं सेवा कर अधिनियम के अंतर्गत कर मुक्त होने के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. हालांकि शॉप में 6 लूज पेपर जब्त हुए जिनका मिलान व्यापारी द्वारा नियमित रखे जाने वाले अभिलेखों से बाद में किया जाएगा. जांच के समय पाए गए लेखा पुस्तकों के बाहर पाए गए स्टॉक का विवरण 15 पन्नों में टीम ने दर्ज किया ह, जिसकी अनुमानित कीमत 8 से 10 लाख रुपए है. कहा कि नियमानुसार दोगुना अर्थदंड जमा कराने के बाद ही जब्त माल मुक्त किया जाएगा.

Wednesday, 11 April 2018

'मौत ने सारी रात हमारी नब्ज टटोली..'

बरेली (जेएनएन): संस्कृति आर्ट्स की ओर से रोटरी भवन में शब्दोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लोगों ने देर रात तक शायरी का लुत्फ उठाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंडलायुक्त डॉ. पीवी जगमोहन, विशिष्ट अतिथि पीलीभीत के डीएम डॉ. अखिलेश मिश्र, अंदाज़-ए-लखनऊ के संस्थापक मिराज हैदर ने किया। इस मौके पर शारिक कैफी ने 'मौत ने सारी रात हमारी नब्ज टटोली, ऐसा मरने का माहौल बनाया हमने..' शायरी प्रस्तुत की। भोपाल से आई शायरा नुसरत मेहदी ने पढ़ा कि 'आप शायद भूल बैठे हैं यहां मैं भी तो हूं, इस जमी और आसमां के दरमियां मैं भी तो हूं ..' , लखनऊ से आये डॉ. तारिक कमर 'अपने माहौल में जिंदा भी थे ताबिंदा भी , कितने मायूस हैं गुलदान में रक्खे हुए फूल..' रचना पेश की, दिल्ली से आए डॉ. मोइन शादाब ने 'उतारा जाता था सदका हमारी जान का भी, हमारे दम से भी मंसूब चाहतें थीं बहुत..' शायरी प्रस्तुत की, बरेली से शायरा सिया सचदेव ने पढ़ा कि 'इससे पहले की राब्ता टूटे, मैंने ख़ुद कह दिया ख़ुदा हाफिज..' रचना प्रस्तुत की, बदायूं से आयीं डॉ. सोनरूपा विशाल ने पढ़ा कि 'सबेरे कि थकन आंखों से बोली, ये सोना तो कोई सोना नहीं था..' शायरी प्रस्तुत की। इसके अलावा बरेली के शायर सचिन अग्रवाल, अमित शर्मा मीत ने भी अपनी रचना पढ़कर माहौल को खुशनुमा बनाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राहुल अवस्थी ने किया। मुख्य बिन्दु :


भारत में मुस्लिमों को कोई डर नहीं : मदनी
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Tuesday, 10 April 2018

101 इमरजेंसी सेवा एक महीने से बरेली में ठप, अफसर बोले सीयूजी नंबर से चलाओ काम

BAREILLY: इन दिनों कहीं भी आग लग जाए तो आप 101 नम्बर पर कॉल न करें. क्योंकि यह इमरजेंसी टोल फ्री नम्बर पिछले एक माह से ठप पड़ा है. इस नम्बर पर जब कोई कॉल करता है तो कंप्यूटराइज्ड मैसेज सुनाई देता है कि बिल जमा न होने के कारण यह नम्बर सेवा में नहीं है. दोबारा कॉल करने पर आपको कंप्यूटर की भी आवाज सुनाई नहीं देगी. हैरत की बात यह है कि इस टोल फ्री इमरजेंसी नंबर की सेवा फिर शुरू कराने के लिए सीएफओ ने विभाग के अफसरों को लिखा तो जवाब मिला कि अभी सीयूजी नम्बर से काम चलाओ, बिल जमा होने पर टोल फ्री नंबर शुरू करा दिया जाएगा.
आग लगने पर क्या हैं ऑप्शन
कहीं भी आग लगने पर पब्लिक के लिए इस समय क्0क् नम्बर बंद हो गया है. जिसके बाद वह अब जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी में इन नम्बर पर कॉल कर सकते हैं.
9454418376-उपनिदेशक फायर सर्विस परिक्षेत्र (डिप्टी डायरेक्टर)
9454418340-चीफ फायर आफिसर (सीएफओ)
एक माह पहले बंद हुए टोल फ्री लैंड लाइन नम्बर के बाद कंट्रोल रूम में आने वाली कॉल की संख्या भी आधी रह गई है. कंट्रोल रूम अटेंडेंट की मानें तो लैंड लाइन टोल फ्री क्0क् नम्बर पर करीब ख्00 कॉल्स डेली ख्ब् घंटे में आती थीं. जिसमें से 50 कॉल्स तो जरूरत की होती थीं लेकिन क्भ्0 कॉल्स में विभाग से संबधित और फेक कॉल होती थी, लेकिन जब से लैंड लाइन टोल फ्री बंद हुआ तब से कंट्रोल रूम के सीयूजी नंबर पर डेली क्भ् से 20 कॉल्स ही आ रही हैं. फायर स्टेशन का टोल फ्री नम्बर बंद होने के बाद से यूपी क्00 नम्बर से भी फायर स्टेशन पर आग की सूचना की कॉल्स आने लगी हैं.
पब्लिक को नहीं जानकारी
फायर डिपार्टमेंट का टोल फ्री इमरजेंसी नंबर क्0क् सभी को पता है. क्योंकि सभी थानों, फायर स्टेशन और फायर सर्विस की गाडि़यों, रेलवे और रोडवेज स्टेशन आदि सभी सार्वजनिक जगहों पर यही नंबर लिखा रहता है, जिससे आग लगने की घटना होने पर कोई भी तत्काल 101 डायल करके फायर डिपार्टमेंट को सूचना दे सके, लेकिन यह नंबर बंद होने के बाद से विभाग सीयूजी नंबर से काम चला रहा है, लेकिन इस नंबर की पब्लिक को जानकारी ही नहीं है. ऐसे में, घटना होने पर लोग सबसे पहले क्0क् को कॉल करते हैं और कॉल न लगने पर ज्यादातर लोग यूपी क्00 पर डायल करके सूचना देते हैं.
सभी थानों के लैंडलाइन भी बंद
ज्ञात हो कि बिल जमा न होने के चलते शहर के सभी थानों के लैंडलाइन नम्बर भी ठप हो गए हैं. किसी भी इमरजेंसी में थाने के लैंडलाइन नम्बर पर कॉल करने पर कम्प्यूटर बताता है कि बिल जमा नहीं होने से कॉल कनेक्ट नहीं की जा सकती है.
ऑफिस का लैंड लाइन टोल फ्री नम्बर 101 एक माह से ठप है. विभाग को इसकी जानकारी दे दी थी, तो पता चला कि सभी थानों के लैंडलाइन नम्बर भी बंद हो चुके हैं. अभी सीयूजी और यूपी क्00 से कॉल ट्रांसफर होकर आती हैं तभी सूचना मिल पाती है.
केएन रावत, सीएफओ

बरेली रामगंगा में नहीं मिलेगा शहर का कूड़ा

- शहर के नालों की मरम्मत कराकर आखिरी छोर पर लगाया जाएगा जाल
- शहर के नालों की मरम्मत कराकर आखिरी छोर पर लगाया जाएगा जाल - नगर निगम ने चिह्नित किए 17 नाले
- नगर निगम ने चिह्नित किए 17 नाले, नदी में नहीं गिरते सीधे
जागरण संवाददाता, बरेली : नगर निगम ने रामगंगा को प्रदूषित होने से बचाने के लिए कवायद शुरू की है। शहर के ऐसे नालों को चिह्नित किया है जिनका पानी अन्य नदी-नालों से होता हुआ रामगंगा में जाता है। इन नालों के आखिरी छोर की मरम्मत कराकर वहां बड़ा जाल लगाया जाएगा। इससे नदियों तक शहर को ठोस अपशिष्ट नहीं पहुंचेगा।
शहर में करीब डेढ़ दर्जन नाले करीब पांच किलोमीटर लंबे हैं। इन नालों में शहर के कई मुहल्लों का पानी बहता है। सबसे बड़ा नाला सिकलापुर से शुरू होकर सुभाषनगर में राजीव कॉलोनी होता हुआ रेलवे लाइन की ओर जाता है। पिछले महीने नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने इस नाले का निरीक्षण किया था। उसके बाद नगर निगम ने नाले को आखिरी छोर तक बनाने का काम शुरू किया। इस नाले का पानी आगे तालाब में जाता है। वही, शहर के कई नालों का पानी ग्रामीण क्षेत्रों से होकर रामगंगा में पहुंचता है। इन नालों से ठोस कूड़ा भी रामगंगा तक चला जाता है। रामगंगा में ठोस अपशिष्ट जाने से रोकने के लिए नगर निगम ने ऐसे 17 नालों को चिह्नित किया है। इन नालों के आखिरी छोर की मरम्मत कराकर नगर निगम वहां जाल लगाने की तैयारी में है। इसके लिए नगर आयुक्त ने आदेश जारी कर दिया है। वर्जन
शहर के नालों से ठोस अपशिष्ट पानी के जरिए रामगंगा में जाने से रोका जाएगा। इसके लिए 17 नाले चिह्नित किए गए हैं, जिनके आखिरी छोर की मरम्मत कराकर वहां जाल लगाया जाएगा।
आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त

बरेली कॉलेज में दलित छात्र अड़ा- जमानत नहीं, जेल भेज दो


बरेली कॉलेज में एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर के दलित छात्र द्वारा क्लास की ही सवर्ण वर्ग की छात्रा को थप्पड़ मारने का मामला मंगलवार को भी तूल पकड़े रहा। कॉलेज का माहौल खराब न हो इसलिए कॉलेज प्रशासन अलर्र्ट रहा तो दूसरी तरफ आरोपी छात्र ने जमानत लेने से ही इंकार कर दिया। वह इस अपनी बात पर अड़ा रहा कि उसे जमानत नहीं चाहिए, उसे जेल भेज दो। मंगलवार को उसके घर वाले जमानत कराने के प्रयास में रहे, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। वहीं कॉलेज प्रशासन ने परिजनों को नोटिस जारी कर तलब किया है। कॉलेज प्रशासन अब मामले की जांच भी कराएगा कि आखिर ऐसे हालात क्यों पैदा हुए।
एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर का यह छात्र अच्छे परिवार का है। पिता पीलीभीत में ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। एलएलबी से पहले वह वह बीटेक का छात्र भी रह चुका है। मंगलवार को घर वालों ने उसकी जमानत कराने के प्रयास भी किए, लेकिन छात्र अपनी जिद पर अड़ा रहा। उसका मानना है कि उसने कुछ गलत नहीं किया। बता दें कि कक्षा में शिक्षकों के सामने ही एलएलबी के एक दलित छात्र ने सवर्ण वर्ग की एक छात्रा को आरक्षण के मुद्दे पर बहस होने के बाद थप्पड़ जड़ दिया था। उसके बाद कॉलेज का माहौल गरमाया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा भी किया था। कॉलेज प्रशासन ने छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने चालान कर सोमवार को ही उसे जेल भेज दिया था। मंगलवार को उसकी जमानत के प्रयास हुए, लेकिन छात्र ने जमानत लेने से ही मना कर दिया और कह दिया कि वह जेल ही जाएगा।

पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई
कॉलेज प्रशासन की तरफ से छात्र के घर वालों को नोटिस जारी गया गया है। कॉलेज छात्र को निलंबित करने की भी तैयारी में है। उससे पहले मामले की जांच कराई जाएगी। मंगलवार को इसके लिए पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई गई। इसमें डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. नसीम अख्तर, डॉ. एसपी मौर्या, डॉ. राकेश आजाद को शामिल किया गया है। कमेटी दस दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। वहीं जिस शिक्षक के पोस्ट पर इतना बवाल हुआ उसको व्यक्तिगत तौर पर पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया है।

छात्रसंगठन ने जताया रोष, कहा वह लेंगे छात्र की जमानत 
मामले में दलित छात्र के सपोर्ट में समाजवादी छात्र सभा के छात्रनेता आ गए हैं। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह ने कहा कि अगर छात्र की कोई जमानत नहीं लेता तो वह जमानत लेंगे। कॉलेज में दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों का शोषण किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं बरेली कॉलेज के पूर्व महामंत्री ह्रदेश यादव ने कहा कि छात्र के साथ कॉलेज एक तरफा कार्रवाई कर रहा है। आखिर ऐेसे हालात क्यों पैदा हुए इसकी जांच होनी चाहिए। मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन को घेराव किया जाएगा।

व्हाट्सऐप ग्रुप पर कॉलेज प्रशासन रख रहा नजर 
आरक्षण की चिंगारी एक शिक्षक द्वारा व्हाट्सऐप ग्रुप पर एक पोस्ट से फूटी। अब कॉलेज प्रशासन ऐसे ग्रुप पर नजर रखे हुए हैं जिनमें कॉलेज के छात्र एक्टिव हैं। उनकी अंदरखाने जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों की माने तो ज्यादातर विभागों के सोशल मीडिया ग्रुप बने हुए हैं। देखा जा रहा है कि उनपर भी इस तरह के कमेंट तो नहीं हो रहे है।

 मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी है। समिति दस दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य